चालीसा संग्रह :: श्री गणेश चालीसा

श्री गणेश चालीसा

चालीसा संग्रह

दोहा
एकदन्त शुभ गज वदन विघ्न विनाशक नाम ।
श्रीगणेश सिद्धि सदन गणनायक सुख धाम ।।
मंगल मूर्त्ति महान श्री ऋद्धि सिद्धि दातार ।
सब देवन में आपको प्रथम पूज्य अधिकार ।।
वक्रतुण्ड श्री सिद्ध विनायक, जय गणेश सुख सम्पत्ति दायक ।।
गिरिराज नन्दन सब गुण सागर, भक्त जनों के भाग्य उजागर ।।
श्री गणेश गणपति सुख दाता, सम्पत्ति, सुत, सौभाग्य प्रदाता ।।
राम नाम में दृढ़ विश्वासा, श्रीमन नारायण प्रिय दासा ।।

मोदक प्रिय मूषक है वाहन, स्मरण मात्र सब विघ्न नशावन ।।
लम्बोदर पीताम्बर धारी, भाल त्रिपुण्ड्र सुशोभित भारी ।।
मुक्तापुष्प माल गल शोभित, महाकाय भक्तन मन मोहित ।।
सुखकर्त्ता, दु:खहर्त्ता देवा, सदा करत सन्तन जन सेवा ।।

अनमोल विचार

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चंद्रघंटा (Chandraghanta )

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सिद्धीदात्री (Sidhidatri)

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