मंत्र संग्रह :: केतु मन्त्र

केतु मन्त्र

मंत्र क्या है ?

मंत्र शब्द मन +त्र के संयोग से बना है !मन का अर्थ है सोच ,विचार ,मनन ,या चिंतन करना ! और “त्र ” का अर्थ है बचाने वाला , सब प्रकार के अनर्थ, भय से !लिंग भेद से मंत्रो का विभाजन पुरुष ,स्त्री ,तथा नपुंसक के रूप में है !पुरुष मन्त्रों के अंत में “हूं फट ” स्त्री मंत्रो के अंत में “स्वाहा ” ,तथा नपुंसक मन्त्रों के अंत में “नमः ” लगता है ! मंत्र साधना का योग से घनिष्ठ सम्बन्ध है…

ॐ ह्रीं केतव नमः ||केतु मन्त्र

(3 माला का जाप करें)
रत्न – लहसुनिया. भोजन – नमक रहित गेहूँ व तिल से बना हुआ |

केतु मन्त्र

ॐ ह्रीं केतव नमः ||केतु मन्त्र

विधि :-

(3 माला का जाप करें) रत्न - लहसुनिया. भोजन - नमक रहित गेहूँ व तिल से बना हुआ |

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