मंत्र संग्रह :: श्री नवदुर्गा रक्षामंत्र

श्री नवदुर्गा रक्षामंत्र

मंत्र क्या है ?

मंत्र शब्द मन +त्र के संयोग से बना है !मन का अर्थ है सोच ,विचार ,मनन ,या चिंतन करना ! और “त्र ” का अर्थ है बचाने वाला , सब प्रकार के अनर्थ, भय से !लिंग भेद से मंत्रो का विभाजन पुरुष ,स्त्री ,तथा नपुंसक के रूप में है !पुरुष मन्त्रों के अंत में “हूं फट ” स्त्री मंत्रो के अंत में “स्वाहा ” ,तथा नपुंसक मन्त्रों के अंत में “नमः ” लगता है ! मंत्र साधना का योग से घनिष्ठ सम्बन्ध है…

श्री नवदुर्गा रक्षामंत्र

ॐ शैलपुत्री मैया रक्षा करो
ॐ जगजननि देवी रक्षा करो |
ॐ नव दुर्गा नमः |
ॐ जगजननी नमः ||

ॐ ब्रह्मचारिणी मैया रक्षा करो |
ॐ भवतारिणी देवी रक्षा करो |
ॐ नव दुर्गा नमः |
ॐ जगजननी नमः ||

ॐ चंद्रघणटा चंडी रक्षा करो |
ॐ भयहारिणी मैया रक्षा करो |
ॐ नव दुर्गा नमः |
ॐ जगजननी नमः ||

ॐ कुषमाणडा तुम ही रक्षा करो |
ॐ शक्तिरूपा मैया रक्षा करो |
ॐ नव दुर्गा नमः |
ॐ जगजननी नमः ||

ॐ स्कन्दमाता माता मैया रक्षा करो |
ॐ जगदम्बा जननि रक्षा करो |
ॐ नव दुर्गा नमः |
ॐ जगजननी नमः ||

ॐ कात्यायिनी मैया रक्षा करो |
ॐ पापनाशिनी अंबे रक्षा करो |
ॐ नव दुर्गा नमः |
ॐ जगजननी नमः ||

ॐ कालरात्रि काली रक्षा करो |
ॐ सुखदाती मैया रक्षा करो |
ॐ नव दुर्गा नमः |
ॐ जगजननी नमः ||

ॐ महागौरी मैया रक्षा करो |
ॐ भक्तिदाती रक्षा करो |
ॐ नव दुर्गा नमः |
ॐ जगजननी नमः ||

ॐ सिद्धिरात्रि मैया रक्षा करो |
ॐ नव दुर्गा देवी रक्षा करो |
ॐ नव दुर्गा नमः ||

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