अदभुत धार्मिक स्थल:: हर साल तिल बराबर बढ़ता है शिवलिंग

हर साल तिल बराबर बढ़ता है शिवलिंग

भोपाल (मध्य प्रदेश) खजुराहो के मंदिर वैसे तो दुनिया भर में काम कला के मंदिरों के रूप में विख्यात हैं। लेकिन मतंगेश्‍वर शिव मंदिर हिंदुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है, यही एक मात्र ऐसा मंदिर है जहां आदिकाल से निरंतर पूजा होती चली आ रही है।
9वीं सदी के इस प्राचीन मतंगेश्‍वर मंदिर में बुधवार को 27 अमेरिकन पर्यटकों ने रुद्र अभिषेक पूजा की। पूजा के दौरान शिवलिंग को दूध, घी, शहद, चीनी, बेल पत्र और फूलों से स्नान कराया गया। ओम नम: शिवाय का मंत्रोचार पूरी श्रद्धा के साथ हुआ।

माना जाता है कि चंदेल राजाओं द्वारा 9वीं सदी में बनाए गए इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग के नीचे एक ऐसी मणि है जो हर मनोकामना पूरी करती है। कहा जाता है कि कभी यहां भगवान राम ने भी पूजा की थी।
शिवरात्रि के दिन यहां शिव भक्तों का तांता लगा रहता है। खजुराहो के सभी मंदिरों में सबसे ऊंची जगती पर बने इस मंदिर में जो भी आता है वह भक्ति में डूब जाता है, फिर चाहे वह हिंदुस्तानी हो या विदेशी।
हर साल तिल के बराबर बढ़ता है यह शिवलिंग, यहां होती हैं मनोकामनाएं पूरी आ रही है।कहते हैं कि यह शिवलिंग किसी ने बनवाया नहीं, बल्कि स्वयंभू शिवलिंग है। कहा जाता है कि 18 फुट का यह शिवलिंग जितना जमीन के ऊपर है उतना ही नीचे भी। यह भी मान्यता है कि शिवलिंग हर साल तिल के बराबर बढ़ता भी है।

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