विशेष धार्मिक स्थल :: तिरुमाला पहाड़ी पर स्थित है वैंकटेश्वर मंदिर

तिरुमाला पहाड़ी पर स्थित है वैंकटेश्वर मंदिर

तिरुपति नगर का नाम भारत के पुरातन एवं चमत्कारपूर्ण तीर्थस्थलों में शुमार है। यह दक्षिणी आंध्रप्रदेश राज्य के चित्तूर जिले में स्थित है। यह नगर इसलिए धन्य है कि इसके आसन्न तिरुमाला पहाड़ी पर भगवान श्री वैंकटेश्वर का मंदिर प्रतिष्ठित है।

भगवान वैंकटेश्वर मंदिर : समुद्री तल से लगभग 3200 फीट ऊंची तिरुमाला पहाड़ी करीब 10.33 वर्गमील यानि लगभग 27 किमी. क्षेत्र में फैली हुई है। इस पहाड़ी पर सात चोटियां हैं जो कि आदिशेष नाग के सात फणों की तरह प्रतीत होती हैं। नाग के फणों की तरह दिखलाई देने के कारण इसका नाम शेषाचलम पड़ा। ये सात चोटियां (शेषनाग की पहाड़ी जो कि भगवान विष्णु के दास हैं) शेषाद्रि, (नील देवी की पहाड़ी, कहा जाता है कि तीर्थयात्रियों द्वारा चढ़ाए गए बाल नील देवी द्वारा स्वीकार किए जाते हैं ) नीलाद्रि, (गरुड़ पहाड़ी, जो कि भगवान विष्णु का वाहन है ) गरुड़ाद्रि, (महावीर हनुमान की पहाड़ी) अंजनाद्रि, (नंदी की पहाड़ी, जो कि भगवान शिव का वाहन है) वृषभाद्रि, ( नारद मुनि की पहाड़ी) नारायणाद्रि और (भगवान वैंकटेश की पहाड़ी) वैंकटाद्रि कहलाती हैं। भगवान वैंकटेश का मंदिर वैंकटाद्रि चोटी पर स्थित है अत: इस चोटी को वैंकटाचल या वैंकटा हिल के नाम से भी पहचाना जाता है। पहाड़ी पर सात चोटियां होने के कारण इस मंदिर को सात पहाडिय़ों का मंदिर भी कहा जाता है। भगवान वैंकटेश्वर हिंदुओं की आराध्य देवी श्री लक्ष्मी के स्वामी भगवान विष्णु का अवतार हैं। दुनियाभर में लोग इन्हें बालाजी, गोविन्दा और श्रीनिवास के नाम से भी पहचानते हैं। मंदिर पवित्र सरोवर श्री स्वामी पुष्करिणी के दक्षिणी किनारे स्थित है। कहा जाता है कि मंदिर के निकट कल-कल बहते झरनों में स्नान कर लिया जाए तो सारे पाप यहीं धुल जाते हैं। सदियों पूर्व निर्मित लगभग 50000 करोड़ की अकूत संपदाओं के मालिक भगवान वैंकटेश के मंदिर का नाम सम्पन्नता के लिहाज से केरल के तिरुअनंतपुरम स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के बाद ही है। मंदिर के भव्य शिखर एवं विशालकाय द्वार शुद्ध सोने से अलंकृत हैं।

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