श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस

हाड़ माँस को देह मम, तापर जितनी प्रीति।
तिसु आधो जो राम प्रति, अवसि मिटिहि भवभीति।।
गोस्वामी तुलसीदास के लिखे दोहावली, कवित्तरामायण, गीतावली, रामचरित मानस, रामलला नहछू, पार्वतीमंगल, जानकी मंगल, बरवै रामायण, रामाज्ञा, विन पत्रिका, वैराग्य संदीपनी, कृष्ण गीतावली। इसके अतिरिक्त रामसतसई, संकट मोचन, हनुमान बाहुक, रामनाम मणि, कोष मञ्जूषा, रामशलाका, हनुमान चालीसा आदि आपके ग्रंथ भी प्रसिद्ध हैं।
१२६ वर्ष की अवस्था में संवत् १६८० श्रावण शुक्ल सप्तमी, शनिवार को आपने अस्सी घाट पर अपना शहरी त्याग दिया।

संवत सोलह सै असी, असी गंग के तीर।
श्रावण शुक्ला सप्तमी, तुलसी तज्यो शरीर।।
गोस्वामी तुलसीदासजी कृत महाकाव्य श्रीरामचरितमानस मूल अवधी भाषा में हिन्दी में भावार्थ सहित यहाँ उपलब्ध है। इंटरनेट की दुनिया में अमृतवाणी ने यह महाकाव्य पहली बार साइट पर उपलब्ध कराया है। यह प्रयास धर्मार्थ किया गया है। इसका उद्देश्य जन-जन की प्रिय श्रीरामचरितमानस से इंटरनेट के पाठकों को भी जोड़ना है। नीचे इस महाकाव्य के सभी काण्डों की लिंक दी है। आप जिस भी काण्ड का अध्ययन करना चाहते हैं उसकी लिंक पर क्लिक करें।

अनमोल विचार
कुण्डली विवरण

शैलपुत्री (Shailputri)

शैलपुत्री

ब्रह्मचारिणी (Brahmcharini)

ब्रह्मचारिणी

चंद्रघंटा (Chandraghanta )

चंद्रघंटा

कूष्माण्डा (Kushmanda)

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स्कन्दमाता(Sakandmata)

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कात्यायनी (Katyayni)

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कालरात्रि (Kaalratri)

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महागौरी (Mahagauri)

महागौरी

सिद्धीदात्री (Sidhidatri)

सिद्धीदात्री